Tuesday, 15 July 2014

जोहरा सहगल: एक सदी की नायिका को श्रद्धांजलि

एस.ऍफ़.आई. और डी.वाई.ऍफ़.आई. की सयुंक्त रूप से बैठक
अभिनेत्री जोहरा सहगल को श्रधांजली देने के लिए SFI और DYFI की तरफ से SFI क्षेत्रीय कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया, इस बैठक की अध्यक्षता उत्तराखंड एस,ऍफ़,आई. कमेटी के राज्य सह-सचिव अभिषेक भंडारी ने की, इस बैठक में डी.वाई.ऍफ़.आई. की तरफ से जिलाध्यक्ष गगन गर्ग मौजूद थे |

अभिषेक भंडारी ने कहा कि जोहरा सहगल, भारतीय सिनेमा से जुडा एक ऐसा नाम जिसने लंबे अरसे तक अपनी अदाकारी से कई पीढियों को प्रेरणा दी. उन्होंने बताया कि जोहरा की प्राथमिक शिक्षा भी देहरादून में ही हुई थी और उनका देहरादून और अल्मोड़ा, बल्कि पुरे उत्तराखंड से ही गहरा नाता रहा है, जोहरा अल्मोड़ा में 1935 में उदयशंकर की नृत्य मंडली का हिस्सा बनीं. देश दुनिया में इस बैले जोड़ी ने यादगार प्रस्तुतियां दी. वहीं जानेमाने पेंटर और लेखक कमलेश्वर सहगल से मुलाकात हुई, और उन्होंने सामाजिक विरोधो से ऊपर उठकर कमलेश्वर सहगल के साथ विवाह किया था |
गगन गर्ग ने कहा कि जोहरा एक जिंदादिल इन्सान थी, जिस तरह से उन्होंने उस समय की परम्पराओं को तोड़ कर थिएटर का रुख किया और उनका पूरा जीवन संघर्षों का दौर रहा है, कला के क्षेत्र में उनके जाने से भारी क्षति पहुंची है, उनके स्थान को भर पाना असम्भव है |
बैठक में एस.ऍफ़.आई. जिलाध्यक्ष विपिन जोशी, देवेंदर रावल, हिमांशु राणावत, विकास भट्ट, नितेश, अतुल आदि वक्ताओं ने अपने विचार रखे |

भवदीय
अभिषेक भण्डारी
राज्य सह-सचिव
एस.ऍफ़.आई., उत्तराखंड
राज्य कमेटी 

Saturday, 5 July 2014

SFI उत्तराखंड राज्य कमेटी का दो दिवसीय प्रसिक्षण शिविर

स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया SFI उत्तराखंड राज्य कमेटी के तत्ववाधन में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर आज दिनांक 05 जुलाई से शहीदे आजम भगत सिंह नगर में स्थित श्री सत्यनारायण धर्मशाला, हल्द्वानी में प्रारम्भ हुआ |

प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए स्वंत्रता संग्राम सेनानी एवं सीटू के प्रांतीय अध्यक्ष कॉमरेड सत्यप्रकाश ने कहा कि देश के कौमी मुक्ति आन्दोलन में इस देश के छात्र-छात्राओं और नौजवानों ने बढ़ चढ़कर भागीदारी करते हुए अपने संघर्षों से इस देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराया | लेकिन आजादी के बाद जिस तरह से सरकारों ने छात्रों के जनवादी अधिकारों की अनदेखी की है वही शासक वर्ग आजादी से पहले संगठित छात्र आन्दोलन की पैरवी करता रहा है और आजादी के बाद व्ही शासक वर्ग छात्रों को राजनीति से दूर रहने की सलाह देता रहा है और देश शिक्षा विरोधी नीतियों को लागु कर रहा है | और साथ ही उन्होंने कहा की छात्र समुदाय ने अपने संघर्षों के माध्यम से कई निर्णायक विजय हासिल करते हुए निति निर्माताओं को जनपक्षीय नीतियाँ बनाने पर मजबूर किया लेकिन वर्तमान दौर में छात्र राजनीति एक संक्रमण के दौर से गुजर रही है और इससे बाहर निकलने का रास्ता भी छात्र समुदाय को स्वयं ही बनाना है |

कार्यशाला को अपनी शुभकामनायें देते हुए सी.आई.टी.यू. नैनीताल के जिलाध्यक्ष कॉमरेड आर.के.वालिया ने कहा कि वर्तमान समय में छात्र समुदाय पूरी तरह से कैरियारोनुमुखी बना दिया गया है जिसके चलते छात्र समुदाय समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी नही निभा पा रहा है |
प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रथम सत्र में भारतीय जाति व्यवस्था एवं पहचान की राजनीति विषय पर अपनी बात रखते हुए मुख्य वक्ता डी.ए.वी. कालेज देहरादून के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं SFI उत्तराखंड राज्य के उपाध्यक्ष कॉमरेड लेखराज ने कहाँ कि भारतीय जाति व्यवस्था में विभिन्न जातियों के समाज है एवं शासक वर्ग इन जातियों को शोषण के हथियार के प्रयोग करता रहा है | वर्तमान में भी दलितों पर बढ़ते अत्याचार एवं दलित महिलाओं पर सुनियोजित तरीके से हमले किये जा रहे है |  सामाजिक व्यवस्था में आये बदलावों- कुरीतियों ने हमारी सामाजिक व्यवस्था के तानेबाने को छीन-भिन्न कर दिया है जिसके चलते आज भी खाप जैसी पंचायते इस देश में फैसले ले रही है और अपने फैसलों को लागू करा रही है इसके साथ-साथ देश के कई हिस्सों में आज भी इज्जत के नाम पर हत्याएं हो रही है और इन सबसे बढ़कर आजादी के इतने वर्षों बाद भी जाति व्यवस्था के बुनयादी स्वरुप में कोई परिवर्तन नही आया है और कमजोर होने बजाए यह और ज्यादा मजबूत हुई है उन्होंने कहाँ कि SFI के तौर पर हम इन सब कुरीतियों का विरोध करते है और SFI में इस तरह के विभेद को बढ़ावा देने वाली किसी भी गातिविधि को प्रोत्शाहित नही किया जाता है |
सम्मलेन में राज्य के विभिन्न जिलों से आये हुए लगभग पांच दर्जन SFI कार्यकर्त्ता भागीदारी कर रहे है |
सम्मलेन के दितीय दिन कल तीन सत्रों में SFI के आखिल भारतीय सह-सचिव कॉमरेड शतरूप घोष, कॉमरेड सुनंद, और कॉमरेड विक्रम द्वारा SFI का कार्यक्रम एवं संविधान, वर्तमान राजनितिक परिस्थिति एवं शिक्षा की वर्तमान नीतियाँ/ शैक्षिक व्यवस्था और संगठन, आदि अलग-अलग विषयों पर व्यखान दिए जायेगे |


भवदीय
अभिषेक भण्डारी
राज्य सह-सचिव

उत्तराखंड राज्य कमेटी 

Tuesday, 4 March 2014

23rd District Conference - Dehradun SFI Committee

आज दिनाक 04 मार्च 2014 को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इण्डिया (एस.एफ.आई) की जिला कमेटी का 23 वाँ जिला-सम्मेलन डी. ए.वी. (पी.जी.) कॉलेज में प्रांतीय उपाध्यक्ष लेखराज जी की उपस्थिति में सम्पन हुआ | 

सम्मेलन की शुरुवात जिला अध्यक्ष अभिषेक भण्डारी ने ध्वजा रोहण से कि तत- पश्चात शोक प्रस्ताव ला कर पिछले सम्मेलन से इस सम्मेलन के मध्य उन सभी महत्वपूर्ण साथयो एव वामपंथी धन निरपेक्ष जनतांत्रिक आंदोलनो के सभी नेताओ को तथा प्राक्रतिक आपदा में मारे गये सभी लोगो के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रधान्जली अर्पित की गयी, इस के उपरांत साथी विपिन जोशी ने संगठन की राजनैतिक एवं सागठनिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जिस में संगठन की गतिविधियों के साथ-साथ भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गयी | 

सम्मेलन को संबोंधित करते हुए प्रांतीय उपाध्यक्ष लेखराज जी ने कहा की कांग्रेस शिक्षा में F.D.I को मंजूरी दे रही है जिस से विदेशी शिक्षाण संस्थाओ भारत में शिक्षा से लाभ कमाएगी, उन्होंने संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए छात्रों को लामबंध करना होगा और शासक वर्ग को विषय वस्तु से अबगत कराना होगा | 
सम्मेलन को संबोंधित करते हुए जिला अध्यक्ष अभिषेक भण्डारी ने कहा कि आज प्रदेश की कांग्रेस व पूर्वव्रती भाजपा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण व् बाजारीकरण का काम किया जिस शिक्षा को आम आदमी तक पहुचना चाहिए था वो आज आम आदमी की पहुँच से बहार हो गयी है तथा आज प्रदेश में शिक्षित एवं प्रशिक्षित बेरोज़गार युवाओ की तादात लाखो में है जो आज भी प्रदेश सरकार से आज भी आस लगाये बैठे है लेकिन प्रदेश की सरकार रोज़गार उपलव्ध करने में नाकामयाब रही है |

इस अवसर पर जिले की नयी कार्यकारणी का चुनाव किया गया जिसमे विपिन जोशी अध्यक्ष, देवेन्द्र रावल को सचिव, कवराज सिंह, अतुल कान्त, रवि भटट, सीमा रानी, अतुल सिंह को उपाध्यक्ष, विकास पुष्पेंदर नितेश और मंजू को सह सचिव, कोषाध्यक्ष आयुषी, संघठन मंत्री हिमांशु रानावत, प्रचार मंत्री वंदना तथा कार्यकारणी मे हिमांशु, संजय, गीता, मोहित पुष्कर, मनीष अविनाश, महावीर, आकाश सूद को चुना गया |

Wednesday, 22 January 2014

छात्र शक्ति जीती, छात्रों के सामने प्रबंधन व् शासन को झुकना पड़ा

 'कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों..' और सचमुच तबियत से उछाले गए छात्र-छात्राओं के हर पत्थर ने प्रबंधन व् शासन के विस्तृत आसमान को छेद कर अपना लक्ष्य पा लिया। यह पत्थर था संघर्ष का, आन्दोलन का, और दृढ़ आत्मविश्वास का, एवं सतत लगन का जिसके माध्यम से DAV PG कॉलेज में पिछले आठ दिनों से चला आ रहा धरना मांग पूर्ण होने पर समाप्त हुआ |

DAV PG कॉलेज में पिछले आठ दिनों से कॉलेज बचाओं संघर्ष समिति के बैनर तले क्लस्टर विवि के विरोध में आन्दोलन चल रहा था जिसमें हमारे छात्र संगठन एस,ऍफ़.आई. के साथ-साथ विभिन्न छात्र संघठन भी सम्मिलित थे | छात्रों के सामने प्रबंधन व् शासन को झुकना पड़ा | आज आन्दोलंरित छात्र नेताओं को शासन द्वारा बैठक वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि, RUSA के तहत  DAV PG कॉलेज को क्लस्टर युनिवेर्सिटी नही बनाया जायेगा और इस प्रस्ताव को ख़ारिज किया गया,  जिस पर छात्र नेताओं ने मांग कि शासन इसकों लिखित में दें कि RUSA के तहत कलस्टर युनिवेर्सिटी नही बनाई जाएगी; जिस पर शासन की और से निदेशक उच्च शिक्षा श्री महेश्वरी द्वारा लिखित में दिया गया, जिसके बाद छात्रों के द्वारा धरना समाप्त किया गया |



इस अवसर पर छात्र नेताओं ने DAV PG कॉलेज प्रबंधन की जमीनों को खुर्दबुर्द करने के खिलाफ भी आरोप लगाये व् DAV PG कॉलेज में ऑडिट करने की मांग की, और साथ ही मांग कि शासन द्वारा एक कमेटी बनाकर उक्त मामलों की जाँच कर कड़ी कारवाई की जाये और साथ ही DAV PG कॉलेज को सरकार अधिग्रहित कर मैनेजमेंट से मुक्त करे,  इस पर शासन के द्वारा आश्वासन दिया गया कि वे उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर दयानंद शिक्षण संस्थान की खुर्दबुर्द की गयी भूमि की जाँच करेंगे और DAV PG कॉलेज में ऑडिट करने हेतु निर्देश देंगे |



इस अवसर पर छात्र नेताओं ने कहाँ कि, जिस तरह से सबने मिलकर संघर्ष के माध्यम से इस सफलता को पाया है यह छात्र एकता व् संघर्ष का उच्च शिक्षा के निजीकरण के माध्यम से अपना लाभ कमाने की सोच रही पूंजीवादी ताकतों के मुह पर एक जोरदार तमाचा है

इस मौके पर लेखराज, अभिषेक भण्डारी, विपिन जोशी, महेन्द्र पाल, सतीश पंत, भूपेन्द्र नेगी, पुष्पेन्द्र, विकास भट्ट, हिमांशी राणावत, देवेन्द्र रावल, नितिन बौंठियाल, हिमांशू चौहान, ओमकार, आशीष रॉ, विनीत भट्ट, अंशुल चावला,रिंकू आदि भारी संख्या में छात्र- छात्राएं उपस्थित थे |

SFI- Dehradun, Uttarakhand द्वारा पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार का विरोध

आज दिनांक 21 जनवरी 2014 को एस.ऍफ़.आई. देहरादून जिला कमेटी ने एस.ऍफ़.आई. जिलाध्यक्ष अभिषेक भण्डारी के नेतृत्व में डी.बी.एस. कॉलेज में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फुकां गया क्योकि कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल में एस. ऍफ़ आई. के साथी सैफुद्दीन मौल्लाह का तृणमूल कांग्रेस के गुंडों द्वारा लाठियों और डंडों से निर्मम हत्या की गई | एस. ऍफ़ आई. जिला कमेटी देहरादून उक्त साथी को अपनी श्रद्धांजली देते हुए इस वीभत्स घटना का कड़ा विरोध करती है तथा पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार से त्याग पत्र की मांग करती है |




एस.ऍफ़.आई. जिला सचिव देवेन्द्र सिंह रावल ने कहाँ कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इशारों पर टी0 एम्0 सी0 के गुंडे आय दिन प्रगतिशील विचारधारा के लोगों को निशाना बनाते हुए हमला करते हैं | जिस सरकार को राज्य की जनता का रक्षक व् हितैषी होना चाहिए वही जनता की जान की दुश्मन बन गई है |
एस.ऍफ़.आई. के जिला उपाध्यक्ष विपिन जोशी ने कहाँ कि, आज पश्चिम बंगाल की ममता की सरकार जनता के जननीति नायकों को निशाना बना रही है | पूर्व में भी एस. ऍफ़ आई के शान्ति पूर्ण प्रदर्शन में टी0 एम्0 सी0 के कार्यकर्ताओं ने एस. ऍफ़ आई. के कार्यकर्ता सुदिप्तो की जान ले ली थी | इससे स्पष्ट हो चुका है कि पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार जन विरोधी नीतियों के खिलाफ है | ये इस प्रकार की अकेली घटना नहीं है बल्कि ऐसी घटनाएं पश्चिम बंगाल में हर रोज़ सुनने और देखने को मिल रही हैं | इस मौके पर विकास भट्ट ने कहाँ कि अनेक घटनाओं से अब राज्य में ऐसा माहौल बन गया है कि जो भी व्यक्ति वर्तमान सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाएगा उसे सिर्फ और सिर्फ मौत ही मिलेगी | डी.बी.एस, कॉलेज के छात्र नेता विकास कुमार ने कहाँ कि इस घटना से ममता सरकार का तानाशाहपूर्ण रवैया फिर से उजागार होता है | रवि भट्ट ने हम एस ऍफ़ आई के लोग पश्चिम बंगाल सरकार से नैतिकता के आधार पर त्याग पत्र की मांग करते है, और उक्त घटना को अंजाम देने वाले लोगों को शीघ्र अतिशीघ्र पकड़कर कठोरतम सजा की मांग करती है | 

इस मौके पर विकास कुमार, कवराज सिंह, विकास भट्ट, पुष्पेन्द्र, हिमांशु राणावत, अतुल कान्त, नितेश खंतवाल, अतुल, शांति प्रसाद, पूनम, कंचन, गीता, सोनू कुमार, विशाल चौहान, पीयूष, हिमांशु चौहान, तोशी चौधरी, प्रशांत, हेमंत कुमार सिंह, अभिषेक त्रिपाठी, प्रदीप, विजय, सत्यम, रवि भट्ट, सूरज, नितिन बौंठियाल,रविंदर बिष्ट,महावीर चौहान,फरमान,विनय,राम गोपाल,संजय, वंदना, गीता, सुमन, आदि भरी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे |

Friday, 10 January 2014

आज दिनांक 10 जनवरी 2014 को SFI देहरादून जिला कमेटी की बैठक हुई जिसमे SFI ने हरिद्वार में छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है एवं पुलिस प्रशासन की कार्यविधि एवं रैवये पर एक बहुत बड़ा प्रशन चिन्ह: लगाया |

SFI के जिलाध्यक्ष अभिषेक भण्डारी ने कहा कि राज्य में लगातार बढती हुई इन घटनाओं पर शासन-प्रशासन द्वारा रोक न लगाये जाने पर एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि हमारे राज्य उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति बहुत ख़राब स्थिति में है | राज्य सरकार का इन सब मुद्दों पर कोई ध्यान नही है इसका एक पुख्ता साबुत इससे मिलता है कि अभी तक राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष पद ही रिक्त है और राज्य के लगभग सारे विश्विधालयों एवं कोलेजों, स्कूलों में एवं कार्यस्थलों में जेंडर सेन्सटेजायिसेन कमेटी तक गठित नही है जो कि एक बहुत बड़ी चिंता का सवाल है |

स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) मांग करती है की राज्य के सभी विश्विधालयों एवं कोलेजों, स्कूलों रोजगार स्थलों में कमेटिया जल्द से जल्द गठित की जाये ताकि महिलाओं पर हो रही हो रही यौन शोषण की घटनाओं पर रोक लगायी जा सके | तथा SFI मांग करती है की हरिद्वार जिले में छात्रा के साथ में हुई घटना में दोषियों पर जल्द से जल्द कार्यवाही की जाये और कठोर से कठोर सजा दी जाये |


राज्य में छात्राओं, महिलाओं की सुरक्षा  राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाये अन्यथा SFI इस मुद्दे को लेकर उग्र आन्दोलन करेंगी | इस मौके पर SFI के जिलाध्यक्ष अभिषेक भण्डारी, जिला सचिव देवेन्द्र सिंह रावल, एवं जिला उपाध्यक्ष विपिन जोशी, विकास भट्ट, पीयूष, नितिन बौंठियाल, शांति प्रसाद, संजू, वंदना, पूनम आर्य, सुमन, सीमा, मंजू, हिमांशु, नितेश, अतुल, मोहित, हिमांशु राणावत, कवराज, महावीर आदि छात्र मौजूद थे |

Saturday, 4 January 2014

TET, BED धारकों को SFI ने समर्थन देते हुए, SFI कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी |


आज दिनांक
04 जनवरी 2014 को TET, BED धारकों को SFI (Student Federations Of India) ने समर्थन देते हुए, SFI के प्रांतीय उपाध्यक्ष लेखराज के साथ SFI के मनीष, महावीर, पीयूष  आदि कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी |


प्रदेश में 6500 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती खुलवाने के लिए आज TET पास BED धारकों के साथ SFI कार्यकर्ताओं ने परेड ग्राउंड पर राज्य सरकार के खिलाफ धरना  प्रदर्शन करते हुए शीघ्र अतिशीघ्र इन रिक्तियों को भरने की मांग करी |

RTI में मांगी हुई जानकारी से ज्ञात हुआ कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा में 6500 पद रिक्त पड़े हुए है | चूकिं TET पास BED धारकों का TET परीक्षा की वैधता मार्च 2014 में समाप्त हो जाएगी, जिसके कारण हजारों प्रतियोगी युवाओं का भविष्य दांव पर लग जायेगा और वो इन रिक्तियों के लिए आवेदन नही कर सकेंगे |

जो की बहुत बड़ा सवाल है आज की राज्य सरकार अपने पूर्ववर्ती  सरकारों के साथ युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है और आँखों मूंद कर चुपचाप बैठी हुई है |
हम SFI के लोग राज्य सरकार की इस मसले पर घोर निंदा करते है तथा गिरफ्तार किये हुए लोगों की रहाई की मांग करते है |


एवं इन 6500 रिक्तियों को शीघ्र भरकर शिक्षा के मूलभूत ढांचे को मजबूत करने की पैरवी करते है और राज्य सरकार इस और ध्यान नही देती तो इस आंदोलन को और तेज के लिए SFI बाध्य होगी और इसकी जिम्मेदारी सिर्फ राज्य सरकार की होगी |